विद्यार्थी जीवन में समय सारणी का महत्व

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2028

प्रिय विद्यार्थियो हमने अपने पिछले पोस्ट में विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व के बारे में पढ़ा लेकिन आज हम पढ़ेंगे कि विद्यार्थी जीवन में समय – सारणी का क्या महत्व है। हम इतना तो जानते ही हैं कि हमारे जीवन में समय का कितना महत्व है लेकिन उसी समय का सही इस्तेमाल करने के लिए हमें यह भी जरूरी होता है कि समय को सही ढ़ंग से नियोजित किया जाए। जिसके लिए समय सारणी बेहद जरूरी है समय सारणी बनाकर हम अपनी दिनचर्या को सही ढंग से व्यवस्थित कर सकते हैं। समय सारणी के बहुत से फायदे हैं जिनमें से कुछ को नीचे दर्शाया गया है:-

 

•समयसारणी से हम अपना प्रत्येक कार्य सही समय पर पूरा करते है।
• हमें अपने प्रत्येक विषय को पढ़ने का पूरा मौका मिलता है।
•पढ़ाई से ऊबते नहीं जिससे पढ़ने में मन लगा रहता है।

•सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि जब भी हम अपना समय बर्बाद करते हैं तो हमें उसका अहसास अवश्य होता है।
ऊपरी बातों के अलावा एक विद्यार्थी के लिए समय सारणी के बहुत से फायदे हैं और जिनका विद्यार्थी जीवन में बहुत महत्व है। समय सारणी हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसे बनाने के पश्चात हमें स्वयं की दिनचर्या उसी हिसाब से व्यवस्थित करनी पड़ती है। समय सारणी के लाभों को खुले तौर से समझें तो, जैसे कि हम अपने दिन के प्रत्येक कार्य की पहले से योजना बनाए होते हैं जिससे हम समयानुसार अपने कार्य को पूरा करने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं नहीं समय सारणी से विद्यार्थी अपने प्रत्येक विषय को पढ़ने हेतु अलग अलग समय के हिसाब से बांटकर रखता है जिससे प्रत्येक विषय को पढ़ने का मौका मिलता है। ऐसे में विद्यार्थी पढ़ाई से ऊबता नहीं और पढ़ने में मन लगाता है। लेकिन इसका मुख्य रूप से एक बड़ा लाभ यह मिलता है कि जब भी हम अपना थोड़ा सा समय बर्बाद करेंगे तो उसे हम महसूस करेंगे – क्योंकि आपने देखा होगा कि हम अपना बहुत सा समय केवल घर में इधर – उधर घूमने में ही बर्बाद कर देते हैं जिसका हम कोई महत्व नहीं समझ पाते लेकिन समय सारणी हमें उस समय का सदुपयोग करने में मार्गदर्शन देंगी।
हमारे लिए यही बेहतर रहेगा कि हम अपने पूरे दिन की सारणी तैयार करें, यह कोई जरूरी नहीं कि हम केवल अपने पढ़ाई से संबंधित सारणी ही बनाये नहीं बल्कि हमें पूरे दिन में क्या – क्या कार्य किस – किस समय पर करना है इन सब बातों का ब्यौरा तैयार करें। अब बात यह निकलती है कि हम समय सारणी तो तैयार कर लेते हैं लेकिन खुद की दिनचर्या को उस हिसाब से ढ़ाल नहीं पाते अर्थात् सारणी के हिसाब से चलना मुश्किल लगता है, अवश्य ऐसा शुरुआत में सभी के साथ होता है। लेकिन ऐसा हर रोज नहीं होता क्योंकि कि जब हम हर रोज स्वयं को सारणी के हिसाब से ढ़ालने का प्रयास करेंगे तो हमें यह काम बिल्कुल आसान लगने लगेगा। इतना ही नहीं इससे हमारी सम्पूर्ण दिनचर्या में बहुत अच्छा बदलाव भी आयेगा।

 

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