विद्यार्थी जीवन में कालेज और शिक्षा का महत्व भाग -२

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इस लेख का एक भाग विद्यार्थी जीवन में कालेज और शिक्षा का महत्व भाग -१ हम पहले पढ़ चुके हैं । प्रत्येक विद्यार्थी के सामने कालेज से संबंधित एक समस्या स्वयं को व्यवस्थित कर पाने की रहती है। अर्थात् विद्यार्थी को कालेज की पढ़ाई के लिए मजबूरन घर छोड़ कर दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है, जहां विद्यार्थी स्वयं को आसानी से व्यवस्थित नहीं कर पाता है अर्थात् घर से बाहर विद्यार्थी का मन नहीं लगता है। तो ऐसे में कुछ विद्यार्थी अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर घर को चले आते हैं। परन्तु ऐसा करना विद्यार्थी के लिए उचित नहीं है,ऐसे में विद्यार्थी का भविष्य सुधरने की बजाय खराब हो जाता है। लेकिन इसके अलावा कुछ विद्यार्थियों के मन में यह भ्रम पला होता है कि कालेज की पढ़ाई इतनी महत्वपूर्ण नहीं होती,या डिग्री ज्यादा मायने नहीं रखती, या फिर हम ऐसा सोचते हैं कि हम तो थोड़ा सा पढ़कर ही परीक्षा पास कर लेंगे। लेकिन यह सब सोचना गलत है क्योंकि ऐसा सोचकर हम स्वयं को पढ़ाई से न जोड़कर मौज मस्ती में व्यस्त रखने लगेंगे, शायद इसी सोच के साथ कि कालेज सिर्फ मौज मस्ती के लिए है। उदाहरण के रूप में देखे तो ऐसा सोचकर हम कालेज में होने वाले चुनावों में भी बढ़कर हिस्सा लेना चाहेंगे। अवश्य चुनावों में हिस्सा लेना कोई गलत बात नहीं परन्तु यह गलत तो तब हो जाता है जब हम स्वयं की पढ़ाई और अनुशासन को भूलकर, अपना अधिकतम समय दोस्तों के साथ मौज मस्ती और गलत संगति में रहकर बिताने लगें। जब विद्यार्थी घर से बाहर रहता है तो उसे घर के सदस्यों का भी कोई भय नहीं रहता तो ऐसे में विद्यार्थी का गलत संगति से जुड़े रहना/जुड़ जाना एक आसान बात है क्योंकि वहां किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता, लेकिन यह विद्यार्थी के लिए भविष्य में खतरनाक साबित होता है । इसलिए बहुत जरूरी है कि हम बुरी आदतों और नशे से दूर रहें। मौज मस्ती की जाये लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं कि हम गलत संगति में रहें। इसलिए यदि हम अनुशासन में रहकर मौज मस्ती करें और अपनी पढ़ाई को पूरा महत्व दें तो ही बेहतर है। अंततः यही सही रहेगा कि हम अपने स्कूल के बाद कालेज की पढ़ाई को भी पूरा महत्व दें और पढ़ाई से जुड़े रहें ताकि अपना भविष्य संवार सके, यदि हमारे परिवार की स्थिति अच्छी नहीं है तो हम अपनी पढ़ाई के साथ साथ स्वयं को रोजगार से जोड़ें जो हमें शहर में रहकर योग्यता अनुसार आसानी से मिल जाता है। लेकिन ऐसे में हमें अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान देने की जरूरत है। तो सही यह रहेगा कि हम अपनी पढ़ाई से संबंधित और अपने कौशल से संबंधित कोई रोजगार ढूंढें। ताकि हम उससे कुछ नया सीखें और अपने लिए तरक्की के नये रास्ते खोजें।

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