विद्यार्थी जीवन में संगति का प्रभाव

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प्रिय विद्यार्थियो इस लेख में हम बात करेंगे कि विद्यार्थी जीवन में संगति का क्या महत्व है। हमें इस मानव जीवन में साथी/ दोस्त की जरूरत पड़ती है । लेकिन यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम किस तरह के लोगों के साथ रहना अधिक पसंद करते हैं, हमारे दोस्त जिनका स्वभाव व्यवहार और आदतें कैसी है। अर्थात हम कैसी संगति के लोगों के साथ रह रहे हैं – अच्छी या। फिर बूरी। सर्वप्रथम इस बात को पहचानना बेहद जरूरी है, कि कोई भी इंसान बुरा नहीं हो सकता, लेकिन उसकी स्वयं की घटिया आदतें उसे बुरा बना देती है, ऐसी आदतें जिन्हें व्यक्ति जन्म से नहीं लाता बल्कि गलत संगत या माहौल में रहकर सीख जाता है। लेकिन व्यक्ति को इस बात का अहसास होता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है, और जहां केवल पश्चाताप ही शेष बचता है। आइए दो बातों की गहराई में चलते हैं –

बुरी संगति – बुरा सिखायेगी।

अच्छी संगति – महान बनायेगी।

जी हाँ यदि हम जीवन में उन लोगों का साथ करते हैं या दोस्ती करते हैं जो गलत आदतों के शिकार है – चाहे वह नशा है या खुद उनका व्यवहार। विचार कीजिए ऐसे व्यक्ति की संगत में रहकर हम क्या सीख सकते हैं – केवल और केवल बुराई। अब ये बुराई किसी भी हद तक गिरी हुई हो सकती है आखिर बुराई तो बुराई है। अर्थात् यह मनुष्य को कहीं तक भी गिरा सकती है इसकी कोई सीमा नहीं।

लेकिन अब दूसरी तरफ यदि हम एक सुन्दर व्यक्तित्व अर्थात् सज्जन व्यक्ति के साथ घुल मिल लेते हैं तो अवश्य हम उस व्यक्ति से बहुत कुछ अच्छा सीखेंगे। लेकिन अच्छा केवल अच्छाई तक नहीं बल्कि वह अच्छाई जो हमें मानवता और महानता की ओर लेकर जायेगी। जहां से हम सही रास्ते पर चलकर अवश्य जीवन के महान लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब रहेंगे। क्यों कि अच्छाई और महानता की कोई सीमा नहीं इसके बल व्यक्ति आकाशों छू सकता है।

इसलिए यह हम भी जानते हैं कि एक सामाजिक प्राणी होने के नाते मनुष्य को जीवन में किसी न किसी साथी की आवश्यकता निश्चित ही होती है। लेकिन यह साथी व्यक्ति के चरित्र और व्यवहार को कहाँ तक प्रभावित करेगा – यह बात संगति पर निर्भर करती है। खास तौर पर संगति विद्यार्थी जीवन में अपना एक अहम रोल अदा करती है। क्योंकि विद्यार्थी जीवन ऐसा है जहां से व्यक्ति को किसी भी रंग, रूप में ढाला जा सकता है अर्थात वह कच्ची मिट्टी जिसे कैसी भी आकृति दे दी जाए। इसी प्रकार यदि संगति बुरी है तो यह व्यक्ति के अन्दर एक शैतान पैदा कर देती है जिससे व्यक्ति जीवन का सम्पूर्ण सर्वनाश हो जाता है। दूसरी तरफ अच्छी संगति मनुष्य का अच्छा चरित्र निर्माण करती है, बुद्धि विकसित करती है और एक ऐसा मार्गदर्शक बनती है जहां से व्यक्ति अपने जीवन को संवार सकता है। इसलिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि हम हमेशा अच्छे लोगों का साथ करें। हमने शुरू में एक बात पढ़ी कि कोई भी व्यक्ति बुरा नहीं बल्कि उसकी आदतें बुरी होती है। इसलिए हमें चाहिए कि हम उन लोगों को बदलने में उनका साथ दें क्योंकि यह सिर्फ आदतें ही है और उन्हें बदला जा सकता है।

प्रिय विद्यार्थियो आपको यह लेख कैसा लगा हमें कॅामेंट बॅाक्स में लिखकर बतायें ।

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